मासूम पर 13 शायरी
1. ये गुल सा मासूम चेहरा
उस पर खिला रंग सुनहरा..
और क्या तारीफ करे आपकी,
आपको तो खुदा ने
अपने हाथो से है नवाजा..
2. बड़े कातिलाना है मिजाज
आपके जो करते है हमको कायल
वाकिफ ना थे अपनी मासूमियत से
जो कर देती है आपको घायल
3. ना जाने वह बेवफा
मन में कैसे मुस्कुरा लेती है..
मासूम सूरत को याद कर
आंख मेरी अब भर आती है..
4. उनके हर एक लम्हे कि हिफाजत करना ए खुदा,
मासूम चेहरा है उदास अच्छा नहीं लगता।
5. किस क़दर मासूम सा चेहरा था
उस का ग़ालिब
धीरे से जान कह कर बेजान कर गया..
6. तेरा चेहरा आज भी मासूम है,
आज भी मेरी चाहत में वही सुकून है,
तेरे चेहरे पे एक मुस्कान के लिए,
जान भी बार दे ऐसा मेरा जूनून है।
7. न जाने कब हुस्न का
तेरे गुनहगार हो गया..
मासूम सी मुस्कान का
तेरी मैं शिकार हो गया..
8. चाँद सा चेहरा देखने की इजाज़त दे दो
मुझे ये शाम सजाने के इजाज़त दे दो
मुझे क़ैद करलो अपने इश्क़ में या
मुझे इश्क़ करने के इजाज़त दे दो.
9. मासूम चेहरे को दिल में समाए हुए है
बंजर मेरे दिल में वो बरसात लाए है..
मुकम्मल न हो हमारा इश्क़ फिर भी
फकत आप धड़कनों में बसाए हुए है..
10. तेरा चेहरा आज भी मासूम है !!
आज भी मेरी चाहत में वही सुकून है !!
तेरे चेहरे पे एक मुस्कान के लिए !!
जान भी वार दे ऐसा मेरा जुनून है !!
11. न जाने दिल कब तुझे
चैन अपना दे बैठा है..
प्यार में तेरा मासूम सा
चेहरा खिल उठा है..
12. कभी नम न हो जाये ये मासूम निगाहें,
मेरी आरज़ू है सदा मुस्कराये,
ग़म के साये रहे हम तक ही ,
तेरे आशिया मे खुशियों की बहारे आये।
13. प्यार भला शब्दों में
कैसे बयां हो सकता है..
ये तो मासूम अहसास है
जो खुद ब खूद बयां होता है..
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